ENSURE THE FUTURE OF YOUTH

आश्वासन नहीं अधिकार चाहिए, हर युवा को रोज़गार चाहिए।

संगठन की स्थापना का मूल उद्देश्य सभ्य सक्षम संगठित रूप में युवा शक्ति का निर्माण करना है जिसके द्वारा स्वयं परिवार , समाज व देश के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक हमारा युवा बने। अर्थात अपनी संस्कृति से सभ्य , रोजगार से सक्षम तथा किसी भी रूप में होने वाले अन्याय के खिलाफ संगठित शक्ति द्वारा संघर्ष ही संगठन की स्थापना के प्राथमिक उद्देश्य है । संगठन समाज के सभी क्षेत्रो में भागीदारी के साथ विशेषकर राजनीतिक क्षेत्र में युवा वर्ग को सुनिश्चित भागीदारी चाहता है, जिससे स्तरहीन होती देश की राजनीति में बदलाव आए । हमारे देश की लगभग 64 % आबादी युवा है पर इनका रोजगार की दृष्टि से भविष्य क्या है इस पर सरकारों के पास कोई नीति नहीं है और अगर है भी तो उसको लागू नहीं करती है आज डिग्रियाँ तो बाँट रही है पर दिमाग और सही सोच का अभाव है सवाल यह है कि हमारी सरकार हमे नाकारा बनाने में लगी है ताकि हम असहाय बनकर उनके समक्ष हाथ फैलाये इसे हमे समझना होगा और हम युवा वर्ग को एकजुट होना होगा आइये स्वच्छ मन से हम लोग अपनी सभ्यता संस्कृति को बचाने , बेरोजगारी की समस्या को मिटाने और भारत के मरते किसान , लूटते जल – जंगल – जमीन व सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्षता की जंग मे बंटते देश को बचाने के लिए संगठित हो और संघर्ष करे ।
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WHY CHOOSE US

युवा एक ऐसा शब्द है जो किसी भी सभ्य समाज का आधार होता है परंतु वर्तमान परिवेश मे हमारे समाज मे इस आधार की दशा और दिशा दोनों चिंतन का विषय बन चुके है और हो भी क्यो न आखिर मे हमारी सरकारी नीतियो ने अर्थतंत्र को जीवन जीने का ऐसा केंद्र बनाया है जिसके आगे नैतिकता नतमस्तक हो गयी और भौतिकता को हम नमन करने लगे । …

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सभ्य

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सक्षम

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संगठित

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सिद्धांत

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स्वामी विवेकानंद(12/01/1863 - 04/07/1902)

जीवन मे सुरक्षित राह पर चलने की नहीं बल्कि जोखिम उठाने की सीख दी,

उनका मानना था कि अगर आप जीते तो संचालन करेगें और अगर हारे तो मार्ग दर्शन

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शहीद भगत सिंह (28/09/1907 - 23/03/1931)

स्वाभाविक है जीने की इच्छा मुझमें भी है, मैं इसे छिपाना नहीं चाहता हूँ

लेकिन मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूँ कि कैद होकर या पाबंद होकर न रहूँ।

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डॉ ऐ॰पी॰जे॰ अब्दुल कलाम (15/10/1931 - 27/07/2015)

सपने वो नहीं जो आपकी नींद में आए,

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